जप प्रेरणा - भगवान् श्रद्धालुओं को अंतःकरण से मार्गदर्शन करते हैं - The Lord Guides from Within the Faithful - 12 May 20 – Hindi Translation of Japa Talk by His Grace Radheshyam Prabhu
भगवान् श्रद्धालुओं को अंतःकरण से मार्गदर्शन करते हैं
The Lord Guides from Within the Faithful
जप प्रेरणा – 12 May 20 – Hindi Translation of Summary of Japa Talk by His Grace Radheshyam Prabhu
- श्रुति और स्मृति ब्राह्मणों की दो आंखों के समान है और भागवतम कहता है, भले ही एक जीव श्रुति और स्मृति के निष्कर्षों से पूरी तरह अनभिज्ञ हो, उनमें से कुछ भी ठेक से नहीं पढ़ा है - वह इस दुनिया में नेत्रहीन माना जाता है, लेकिन भले ही कोई ऐसा नेत्रहीन व्यक्ति भी भक्ति योग के मार्ग पर बहुत तीव्रता से दौड़ता है, तो भी वह कभी फिसलता नहीं है आप कभी नीचे नहीं गिरेंगे।
- भक्ति योग का मार्ग एक बहुत ही सरल मार्ग है, किन्तु इस मार्ग में प्रवेश करने के लिए एक बहुत बड़ी आवश्यक योग्यता है श्रद्धा।
- यदि मैं केवल कृष्ण के प्रति समर्पित रहूँ, तो वे सभी कुछ संभाल लेंगे। और मुझे कुछ भी करने की आवश्यकता नहीं है। कृष्ण सबके और सब कुछ के स्वामी हैं। और मुझे सिर्फ उनका भक्त होना चाहिए। और मेरी रक्षा की जाएगी, मेरा पोषण किया जाएगा और मेरी देखभाल की जाएगी।
- इसलिए जब यह दृढ़ विश्वास किसी भक्त के ह्रदय में प्रवेश करता है, तो ऐसे भक्त से कोई अन्य भौतिक योग्यता की आशा नहीं की जाती है।
- अंतःकरण से भगवान् द्वारा प्रबुद्ध होना, अंतःकरण से भगवान् द्वारा निर्देशित होना, आध्यात्मिक जीवन में आगे बढ़ने के लिए आगे के चरणों का मार्ग दिखाया जाना। तब एक भक्त कभी भी उस ज्ञान से वंचित नहीं रहता जो व्यक्ति शास्त्र के अध्ययन और सत्य की बारीकियों को समझकर प्राप्त कर सकता है। यह सब भक्त के हृदय के भीतर से भगवान द्वारा प्रदान किया जाता है, और एक भक्त बहुत आसानी से आगे बढ़ सकता है।
हरिनाम प्रभु की जय !!!
=================================================
हरे कृष्ण,
इस्कॉन पुणे से जप प्रवचन/पुस्तक अंश के रूप में दैनिक जप प्रेरणा (अंग्रेज़ी और हिंदी भाषा में अनुलेख और अनुवाद के साथ), साझा करने के लिए समूह।
समूह से जुड़ने के लिये इस लिंक को अपने मोबाइल में खोलें:
(यदि आप पहले से किसी भी "हरैर नामैव केवलम् - HNK" समूह से जुडें हैं तो कृपया इस लिंक को क्लिक न करें)
=================================================

Comments
Post a Comment