जप प्रेरणा - प्रह्लाद के निष्कर्ष - The Conclusions of Prahlad - 10 May 20 – Hindi Translation of Japa Talk by His Grace Radheshyam Prabhu
प्रह्लाद के निष्कर्ष - The Conclusions of Prahlad
*जप प्रेरणा – 10 May 20 – Summary of Hindi Translation of Japa Talk by His Grace Radheshyam Prabhu*
सारांश
- सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम सभी को हमारे जीवन में योगदान देने वाले विभिन्न व्यक्तियों द्वारा विभिन्न धारणाएं प्रस्तुत की जाती हैं। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात है कि हम सभी के पास धारणाएं होती है जिन्हें हम अपने सम्बन्ध और अनुभवों के आधार पर ग्रहण करते हैं जो हमें जीवन में मिलते हैं। लेकिन इस सब का अंतिम परिणाम क्या होता है यह अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
- जीव के लिए वास्तविक स्वार्थ भगवान् का भक्त बनने की आकांक्षा है। इसका अर्थ है कि प्रह्लाद केवल तीन विषयों के विषय में बात करते हैं: भगवान, शुद्ध भक्त और भक्ति। यह प्रह्लाद का निष्कर्ष है।
- वे कह रहे हैं कि भगवान् निष्कपट आत्मा द्वारा प्राप्त किये जाने वाले लक्ष्य है। और यह भगवान के भक्तों के संग से संभव है, जो नवधा भक्ति को सिखाते हैं जिसमे पवित्र नाम का जप सर्वोच्च है।
- तो इस प्रकार, ये तीन बातें प्रह्लाद के निष्कर्ष हैं और एक सुरक्षात्मक परत या एक आवरण बताने के लिए वे यह भी बताते हैं कि इस जगत का सुख कैसे भौतिक और अस्थायी है और यह आत्मा का पोषण नहीं कर सकता है।
हरिनाम प्रभु की जय !!!
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हरे कृष्ण,
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