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जप प्रेरणा – संरेखण की अवधारणा - २६ फरवरी २० (द लिविंग नेम, The Living Name)


संरेखण की अवधारणा।


जप प्रेरणा – २६ फरवरी २० - परम पूज्य शचीनन्दन स्वामी महाराज की पुस्तक द लिविंग नेम से अंश।

संरेखण शब्द फ्रांसीसी शब्द संरेखण से आता है, जिसका अर्थ है पंक्तिबद्ध करना। अंग्रेजी अनुवाद वस्तुओं को उचित स्थिति में व्यवस्थित करना है।

एक स्पोर्ट्स कार के बारे में सोचो, यह एक राजमार्ग पर द्रुत गति से जा सकती है यदि इसके पहियों, गियर, सिलेंडर, ईंधन आदि उनकी उचित स्थिति में हैं। ये सब अवयव ठीक रूप से केवल तभी काम करेंगे जब वे उनके उपयुक्त तय स्थिति में हैं। केवल तभी यह गतिवान होगी। यदि ईंधन के स्थान पर गैस टैंक में अनुपयुक्त तेल या पानी भर जाता है, तो कार नहीं चलेगी।

योगासनों में संरेखण का एक और उदाहरण देखा जाता है, आप योग के पूर्ण लाभ का अनुभव कर सकते हैं और योग क्षेत्र में प्रवेश कर सकते हैं जब आपके शरीर के आसन, गति और श्वास सभी सामंजस्य में होते हैं। योग की स्थिति कठिन या निष्प्रभावी हो जाती है, जब कोई अंगों को अनुपयुक्त प्रकार से हिलाता है या अनुपयुक्त प्रकार से स्वांस लेता है।

हमें अपने जप अभ्यास में ये विचार करना आरम्भ करना चाहिए, हमें अपने मन, शरीर और हृदय को उनकी उचित स्थिति में रखना चाहिए, ताकि हम सर्वोत्तम एकाग्रता प्राप्त करें और गहन भक्तिपूर्ण भाव के साथ जप करें। यह पवित्र नाम को स्वयं को अधिक से अधिक प्रकट करने के लिए आकर्षित करेगा क्योंकि वे हमारे उन्हें प्रसन्न करने के प्रयासों पर ध्यान देतें हैं। हमारे स्वयं को संरेखित करने का प्रयास करना पवित्र नाम के लिए हमारा निमंत्रण है।

जब हमारा घर अव्यवस्थित होता है, तो यह अतिथियों का स्वागत करने के लिए योग्य नहीं होता है। केवल जब हम इसे व्यवस्थित करते हैं तो अतिथियों के रहने के लिए यह आकर्षक होता है। इसी प्रकार, जब हमारा शरीर, मन और हृदय अव्यवस्थित होतें हैं, तो यह कृष्ण के रहने के लिए कोई उचित स्थान नहीं होता है। हमारे पूरे साधना शरीर (आध्यात्मिक अभ्यास के लिए वाहन) को संरेखित करने से हमें पवित्र नाम के ध्वनि कंपन में पूर्णतः लीन होने में सहायता मिलती है। इस प्रकार हम अपने हृदय की वेदी पर भगवान् के निकट जा सकते हैं और उन्हें हमारे साथ रहने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं।

हरिनाम प्रभु की जय!!!




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हरे कृष्ण,

उपरोक्त परम पूज्य सचिनंदन स्वामी महाराज की पुस्तक द लिविंग नेम के अंश का हिंदी में अनुवाद है। इस पुस्तक के विषय में और अधिक जानकारी के लिए कृपया ये लिंक पर जाइये


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